Part time Jobs in Meerut

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पार्ट टाइम काम करके, घर बैठे पैसा कमायें (Part time jobs in meerut)

पार्ट टाइम जॉब या वर्क हमारे लिये जरूरी क्यों है (Why Part time Job is important for us?) (Part time jobs in meerut)

आज के समय में बढती महगांई एवं अन्य घरेलू खर्चों को देखते हुए, पार्ट टाइम जॉब हम सभी की जरूरत बनती जा रही है। हम कितना भी कमाते हों, मगर बच्चों की पढाई का खर्चा एवं घर की अनेकों जरूरतों को पूरा करने में सारी कमाई खर्च हो जाती है। हमारे द्वारा अनेकों परिवारों से बात की गयी, लगभग सभी का यह कहना था कि पिछले काफी सालों से ऐसा हो रहा है कि जैसे-जैसे हमारी आय बढती है, वैसे-वैसे ही हमारे खर्चे भी बढते चले जाते हैं। भविष्य की सेविंग्स के लिये हम कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं। (Part time jobs in meerut)

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इसलिये इस लेख में आप कम्प्यूटर, मोबाइल एवं इन्टरनेट की मदद से घर बैठे ही हजारों रूपये महीना कमा सकते हैं, इसके लिये आपको किसी आफिस की जरूरत भी नहीं है और इसे महिलायें, रिटायर्ड व्यक्ति भी आसानी से कर सकते हैं। यदि आप कोई नौकरी भी करते हैं, तो इसे आफिस के बाद आसानी से किया जा सकता है। इससे होने वाली आय आपके ज्ञान, क्षमता एवं गति पर भी निर्भर करती है। लेकिन अगर एक बार आप इसे शुरू कर देते हैं, तो धीरे-धीरे कार्य की गति बढती जाती है। (Part time jobs in meerut)

तो आईये बात करते हैं डिजिटल मार्केटिंग की। डिजिटल मार्केटिंग एक ऐसा काम है, जो मार्केटिंग का भविष्य है। मार्केटिंग हर व्यवसाय की रीढ की हड्डी होती है। पूरे संसार के सभी व्यवसायों को गति देने, उनके काम में वृद्धि कराने में मार्केंटिंग का महत्वपूर्ण स्थान है। देश विदेश में डिजिटल मार्केटिंग का कार्य करने वालों की डिमान्ड लगातार बढती जा रही है। इस कोर्स के विषय में और जानकारी के लिये दिये गये लिंक पर क्लिक करें- http://bit.ly/2yVZJHj

डिजिटल मार्केटिंग क्या है (What is Digital Marketing & Digital Marketing course Meerut) (Digital Marketing kya hai)

आज हम एक ऐसे विषय के बारे में बात करेंगें, जिसे हम भविष्य की जरूरत भी कह सकते हैं। ये आज हर व्यवसाय की जरूरत है, हर उस व्यक्ति की जरूरत है, जो अपने व्यापार की तरक्की चाहता है या जिसके मन में समाज में अपनी पहचान बनाने की चाहत हो। (Part time jobs in meerut)

तो आईये पहले जान लेते हैं डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) के बारें में। क्योंकि इस विषय की पूरी जानकारी होने के बाद ही इसको सीखने या इस क्षेत्र में करियर (Career) बनाने के विषय में उचित निर्णय लिया जाना उचित होगा।

डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing या Digital Marketing in Hindi)

डिजिटल मार्केटिंग दो शब्दों से मिलकर बना है तथा जैसा कि इसके नाम से ही हमें पता चल रहा है कि यह डिजिटल रूप में मार्केटिंग हैं। इसका सन्धि विच्छेद करने पर भी पता चलता है, डिजिटल + मार्केटिंग। अर्थात ऐसी मार्केटिंग (प्रचार-प्रसार) जिसको करने में किसी भी रूप में डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जाता हो। डिजिटल मार्केटिंग को दूसरे शब्दों में हम इन्टरनेट मार्केटिंग (Internet Marketing) भी कह सकते हैं, क्योंकि इसमें इन्टरनेट की मदद से ही अधिकांश मार्केटिंग आदि का कार्य किया जाता है। डिजिटल मार्केटिंग का एक सबसे बडा लाभ यह होता है कि इसमें कहीं आना-जाना या किसी भी प्रकार की भाग-दौड नहीं करनी पडती, सिर्फ कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट की मदद से लगभग सभी कार्य पूर्ण किये जा सकते हैं।

एक शब्द से लगभग हम सभी परिचित होगें, और वो है मार्केटिंग (Marketing) मार्केटिंग का अर्थ होता है किसी भी उत्पाद, वस्तु या व्यक्ति आदि का प्रचार-प्रसार करना। वैसे मार्केटिंग शब्द का हिन्दी में अर्थ होता है -विपणन। जो सामान्य बात-चीत में प्रयोग नहीं किया जाता तथा यह समझने-समझाने में भी काफी कठिन है।

आज दुनिया में सभी को प्रचार-प्रसार की जरूरत है, चाहे वो कोई उत्पाद (Product) हो, कोई कम्पनी हो, कोई दुकान या शोरूम हो, कोई नेता, अभिनेता या एक सामान्य व्यक्ति हो। आजकल तो राजनीतिक पार्टिंया भी समाज के लोगों पर आपकी पकड के साथ-साथ सोशल मीडिया पर पहचान देखकर ही टिकट देना पसन्द करती हैं। इसलिये सभी अपनी पहचान बनाना चाहते हैं, जिसके लिये वे किसी न किसी रूप में मार्केटिंग (प्रचार-प्रसार) का सहारा लेते हैं।

सैकंडों सालों से मार्केटिंग कम्पनियां प्रचार-प्रसार करने के लिये अनेकों तरह की तरीकों, तकनीकों एवं गतिविधियों का सहारा लेते रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं-होर्र्डिंग्स, बैनर, वॉल राईटिंग, लाउड-स्पीकर द्वारा प्रचार, समाचार पत्रों में विज्ञापन आदि। लेकिन आज जमाना बदल चुका है। कम्प्यूटर तकनीक एवं इन्टरनेट ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया है तथा आज कम्पयूटर देश व समाज के हर क्षेत्र की आवश्यकता बन चुका है। कम्प्यूटर, मोबाईल एवं इन्टरनेट का कोई विकल्प नहीं है। इसके प्रयोग से सभी क्षेत्रों को नयी गति प्राप्त हुई है एवं कार्य करना आसान हुआ है।

डिजिटल-मार्केटिंग, का एक अन्य शाब्दिक हिस्सा है-डिजिटल। सामान्य भाषा में डिजिटल का अर्थ हर उस काम से समझ सकते हैं, जिसको पूरा करने में इलैक्ट्रॉनिक सिस्टम/कम्पयूटर का प्रयोग किया जाता हो। यानि सरल भाषा में ऐसा कह सकते हैं कि कम्प्यूटर की मदद से पूर्ण किये जाने वाले कार्य डिजिटल कहलाता है। आज हमारी सरकार भी देश में आम जनता से जुडी सभी सेवाओं एवं सुविधाओं को डिजिटल करती जा रही है तथा इसके लिये सरकार द्वारा डिजिटल इण्डिया (Digital India) के नाम से एक योजना भी शुरू की है। जिसका उद्देश्य देश के कोने-कोने, गांव-गांव में कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट को आसानी से उपलब्ध बनाना है।

अब हम समझ सकते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing), मार्केटिंग का ऐक ऐसा तरीका है, जिसमें मुख्य रूप में कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट का प्रयोग किया जाता है। कम्प्यूटर व इन्टरनेट की मदद से मार्केटिंग (प्रचार-प्रसार) करने हेतु विभिन्न प्रकार के टूल्स एवं सॉफ्टवेयर्स की आवश्यकता होती है, जिसकी मदद से डिजिटल मार्केटिंग का पूरा कार्य पूर्ण होता है।

मैं आशा करता हूं कि अब आप डिजिटल मार्केटिंग का अर्थ समझ चुके होगें। अब बात करते हैं कि डिजिटल मार्केटिंग की आवश्यकता क्यों है एवं यह किस प्रकार की जाती है।

डिजिटल मार्केटिंग आवश्यक क्यों है (Why is Digital Marketing important?)  (Part time job in meerut)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज कम्प्यूटर, लैपटॉप हर कार्यालय, हर घर की जरूरत बन चुका है और इससे भी ज्यादा अगर किसी इलैक्ट्रॉनिक डिवाईस ने समाज को अपनी गिरफ्त में लिया है, तो वो है-मोबाईल। आज मोबाईल हर खासो-आम की जरूरत बन चुका है। कम्प्यूटर, मोबाईल + इन्टरनेट की मदद से घर बैठे अनेकों काम किये जा सकते हैं, जैसे-अपने बैंक खाते का संचालन, रूपयों को ट्रांसफर, ऑनलाईन फार्म, रिजल्ट, न्यूज रीडिंग, अपने बिलों का भुगतान, ट्रेन व जहाज के टिकटों का रिजर्वेशन एवं सैंकडों ऐसे काम हैं, जो इस तकनीक की मदद से आसानी से किये जा सकते हैं। आज कम्प्यूटर तथा मोबाईल सिर्फ जीवन के आवश्यक एवं रोजमर्रा वाले कामों को पूरा करने का ही साधन नहीं रह गया है, बल्कि ये मनोरंजन का भी एक बहुत बडा साधन है।

पूरे विश्व में सभी की कम्प्यूटर तथा मोबाईल पर निर्भरता एवं जुडाव ने तकनीक निर्माताओं एवं मार्केटिंग गुरूओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि प्रचार-प्रसार के पुराने तरीकों को छोडकर कोई ऐसी तकनीक का प्रयोग किया जाये, जिससे किसी भी व्यक्ति के कम्पयूटर या मोबाईल पर सीधे पहुंचा जा सके, इससे मार्केटिंग अत्यधिक आसान, सस्ती एवं प्रभावी हो जायेगी। पुराने तरीकों से मार्केटिंग करना काफी महंगा तथा जटिल होता है तथा उस मार्केटिंग के लाभ की गणना भी काफी कठिन होती थी।

डिजिटल मार्केटिंग के रूप में कम्प्यूटर, मोबाईल एवं इन्टरनेट की मदद से हर उस व्यक्ति तक पहुंच बनायी जा सकती है जो कम्प्यूटर व मोबाईल का प्रयोग कर रहा हो। (Part time jobs in meerut)

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डिजिटल मार्केटिंग के लाभ (Benefits of digital marketing)-

इसकी मुख्य विशेषताऐं, जो इसे मार्केटिंग के पुराने तरीकों से अलग बनाती हैं।

  • डिजिटल मार्केटिंग पुराने तरीकों की मार्केटिंग के मुकाबले काफी सस्ती होती है, जैसेहोर्डिंग, वाल पेन्टिंग, बैनर, टीवी विज्ञापन आदि।
  • इसकी मदद से हम अपने प्रोडक्ट या व्यापार को प्रमोट कर अपनी विशेषताओं व जानकारी को सीधे यूजर तक पहुंचा सकते हैं तथा यूजर भी सीधे हमसे सम्पर्क कर सकता है।
  • इससे हमें अपने व्यापार को दूर-दूर तक फैलाने एवं बिक्री (Sale) बढाने में मदद मिलती है।

Digital Marketing कोर्स के अन्तर्गत जो-जो टॉपिक्स आते हैं, या से कह सकते हैं कि जिन तरीकों की मदद से Digital Marketing की जाती है, उनमें से कुछ मुख्य-मुख्य इस प्रकार हैं-

1-सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)
2-वैबसाईट निर्माण (Website Development)
3-ब्लॉग लेखन (Blog Writing)
4-मेल मार्केटिंग (e-mail Marketing)
5-एस... (SEO – Search Engine Optimization)
6-यूट्यूब चैनल (Youtube Channel)
7-मोबाईल मार्केटिंग (Mobile Marketing)
8-कन्टैन्ट मार्केटिंग (Content Marketing)
9-एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing)
10-गूगल एडसैन्स (Google Ad-sense / Pay per Click)

इन्टरनेट की मदद से किसी भी कम्प्यूटर या मोबाईल धारक तक सीधे पंहुचने के लिये अनेकों तकनीकों का प्रयोग किया जाता है, जिसमें से कुछ प्रमुख हैं-

1-सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing)

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मार्केटिंग एक बहुत ही अच्छा एवं परिणामदायक तरीका है, क्योंकि आजकल अधिंकाश लोग व्हाट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर लिन्क्डइन आदि से जुडे हुए हैं तथा अपना काफी समय सोशल मीडिया पर लगाते हैं।

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इसलिये अपने प्रोडक्ट या सर्विस का विज्ञापन सोशल मीडिया अर्थात व्हाट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब या ट्विटर आदि पर डालने से इसका प्रभाव काफी बडे जनसमूह पर पडता है तथा हम अपनी बात काफी आसानी से अधिक से अधिक लोगों के बीच पहुंचा सकते हैं। (Part time jobs in meerut)

2-वैबसाईट निर्माण (Website Development)

आज वैबसाईट या ब्लॉग निर्माण भी काफी आवश्यक टूल है, इसके माध्यम से हम ऑनलाईन होकर लोगों को अपनी समस्त जानकारी, विशेषताऐं आदि उन्हें घर बैठे ही उपलब्ध करा सकते हैं। लगभग हर कम्पनी अपनी वैबसाईट बनवाकर, अपनी सभी जानकारी उसपर डालती हैं। वैबसाईट निर्माण के लिये हमें इसे डिजाईन करने वाले सॉफ्टवेयर्स की जानकारी होनी चाहिये, साथ ही हमारी सोच भी क्रिएटिव होनी चाहिये, रंगों के काम्बिनेशन पर भी पकड होना अनिवार्य है। ताकि हमारे द्वारा बनाये गये डिजाईन सभी को अच्छे लगें। वैबसाईट खुलने पर जो सबसे पहला पेज दिखता है, उसे लैन्डिंग पेज (Landing Page) कहते हैं, हमारा लैन्डिंग पेज अत्यधिक सुन्दर एवं वैबसाईट की विशेषताओं को दर्शाने वाला होना चाहिये।

वर्तमान में किसी वैबसाईट को बनाने के लिये वर्डप्रैस (WordPress) नामक साफ्टवेयर काफी प्रचलित है तथा यह काम करने में काफी आसान भी है। इसके अलावा विभिन्न डेवलपमेन्ट, प्रोग्रामिंग लैंगुएज जैसे-पी.एच.पी., ए.एस.पी, डॉट नेट, जावा आदि में भी वैवसाईट का निर्माण किया जा सकता है, किन्तु इसके लये प्रोग्रामिंग आनी चाहियेे तथा ये काफी कठिन एवं लम्बी अवधि का कार्य है, इसके मुकाबले वर्डप्रैस (WordPress) में काम करना अत्यधिक आसान है।

3-ब्लॉग लेखन (Blog Writing)

ब्लॉग लेखन आजकल काफी प्रचलित है, इसके द्वारा कोई भी व्यक्ति अपने विचारों को अपने लेखन की कला की मदद से ऑनलाइन प्रकाशित कर सकता है। ब्लॉग किसी भी विषय पर लिखा जा सकता है, बस उसका मौलिक होना आवश्यक है। इन्टरनेट पर पहले से उपलब्ध सामग्री को कॉपी करके अपनी वैबसाईट या ब्लॉग में डालकर प्रकाशित करने को गूगल (Google) अच्छा नहीं मानता। इसलिये यदि आपको अपने ब्लॉग वैबसाईट की रैंकिंग को उंचा रखना है तो आपको उसपर मौलिक एवं लोगों के लिये आवश्यक एवं सार्थक विषयों पर लिखना ज्यादा अच्छा होगा। इस हेतु अनेकों वैबसाईटों द्वारा कन्टैन्ट राईटर भी नियुक्त किये जाते हैं। यदि गूगल ने यह पाया कि आपने ब्लॉग या लिखे गये आर्टिकल को कहीं से चुराया है, तो गूगल आपके ब्लॉग वैबसाईट की रैंकिग को घटा सकता है। अच्छी ब्लॉग वैबसाईटों पर भी गूगल एडसैन्स (Google Ad-sense) द्वारा विज्ञापन प्रकाशित किये जाते हैं, जिससे ब्लॉग वैबसाईट को आय होती है। किसी भी वैबसाईट पर गूगल एडसैन्स (Google Ad-sense) द्वारा विज्ञापन प्रकाशित कराने हेतु वैबसाईट/डोमेन कम से कम 6 महीने पुरानी होनी चाहिये।

4-मेल मार्केटिंग (e-Mail Marketing)

यहां हमें यह जान लेते हैं कि ई-मे क्या है? ई-मेल एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक संदेश या सूचना होती है, जो किसी नेटवर्क से जुडे हुए कम्प्यूटर या मोबाईल्स के बीच भेजा या प्राप्त करा जाता है। जिस प्रकार किसी व्यक्ति का घर या ऑफिस का पता होता है, इसी प्रकार ई-मेल भी किसी व्यक्ति या कम्पनी का इलैक्ट्रॉनिक एड्रैस होता है, जिससे हम इन्टरनेट की मदद से हजारों-लाखों मील दूर भी ई-मेल भेज सकते हैं या प्राप्त कर सकते हैं। संसार के हर व्यक्ति का ई-मेल अलग होता है, भेजी गयी ई-मेल सिर्फ उसी व्यक्ति को मिलती है।

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ई-मेल मार्केटिंग में अपने उत्पाद (Product) आदि से संबंधित सूचनाओं, उसकी फोटो व जानकारियों को ई-मेल के रूप देकर विभिन्न ई-मेल एडेªस पर भेजा जाता है। जब भेजी गयी ई-मेल किसी को प्राप्त होती है, तो उसके द्वारा उसको पढने पर हमारी सूचना/संदेश उस व्यक्ति को प्राप्त हो जाता हैं। जिसके द्वारा हम अपनी कम्पनी के प्रोडक्ट या सर्विसिज की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं। यह तरीका काफी आसान है एवं परिणाम भी उत्साहवर्धक होते हैं। (Part time jobs in meerut)

5-एस... (SEO – Search Engine Optimization)

जैसा कि आपको पहले बताया गया था कि लगभग सभी सैलिब्रिटीज, कम्पनियां अपनी वैबसाईट बनवाते हैं, जिसपर वे अपने ब्रांड, प्रोडक्ट, सर्विस या ऑफर आदि से संबधित सभी जानकारी, सूचनाओं को डालते हैं, ताकि वैबसाईट पर आने वाले यूजर अपनी सुविधानुसार जानकारियों को प्राप्त कर सके। अधिकांश लोग किसी भी नयी जानकारी को प्राप्त करने के लिये गूगल के सर्च इंजन का इस्तेमाल करते हैं। आज तो छोटी से छोटी जानकारी को भी गूगल पर सर्च किया जाता है, फिर चाहे फिल्म का रिव्यू जानना हो, किसी डॉक्टर का फोन नम्बर लेना हो या किसी प्रोडक्ट या कम्पनी के बारे में कुछ भी जानकारी लेनी हो।

सर्च इंजन ऑप्टिमाईजेशन का सीधा-सीधा अर्थ है कि किसी वेबसाईट को इतना सुलभ व ताकतवर बना दिया जाये ताकि जब भी कोई गूगल (Google – Search Engine) पर आपसे संबंधित जानकारी को ढूंढे तो गूगल द्वारा बतायी गयी उस लिस्ट में हमारी वैबसाईट भी हो तथा टॉप 5 में हो तो और भी अच्छा। यदि एस.इ.ओ. (SEO) के लिये की जाने वाली प्रक्रिया को पूरी सजगता से लगातार जारी रखा जाये तो गूगल लिस्ट में टॉप पर भी पहुंचा जा सकता है।

किसी भी वेबसाईट का एस.ई.ओ. करने के लिये लिये विभिन्न सॉफ्टवेयर्स, टूल्स, एप्स एवं ट्रिक्स आदि का प्रयोग किया जाता है। ताकि जल्दी से जल्दी गूगल सर्च में उंची रैंक हासिल की जा सके।

5.1- गूगल एनालिटिक्स (Google Analytics)

गूगल एनालिटिक्स एक ऐसा टूल/एप्लीकेशन है, जिसकी मदद से हम अपनी वैबसाईट का विशलेषण (Analysis) कर सकते हैं तथा वैबसाईट पर आने वाले यूजर्स पर नजर रख सकते हैं, अर्थात हम जान सकते हैं कि कितने यूजर हमारी वैबसाईट पर आये, वो किस देश व शहर से थे, वो किस तरह हमारी साईट तक पहुंचे, गूगल सर्च इंजन से आये या सीधे हमारी वैबसाईट पर पहुंचे। उनके द्वारा हमारी वैबसाईट पर क्या-क्या देखा, कितनी देर तक हमारी साईट पर रहे आदि अनेकों जानकारी गूगल एनालिटिक्स (Google Analytics) से पता चल जाती है। ये एक बहुत ही शानदार तरीका है, अपनी वैबसाईट की प्रोगेस को जानने का।

6-यूट्यूब चैनल (YouTube Channel)

यू-ट्यूब का नाम आपने जरूर सुना होगा और हो सकता है कि कभी न कभी इसका इस्तेमाल विडियों देखने आदि के लिये भी किया हो। आज विडियो शेयर करने एवं इन्टरनेट पर विडियो देखने के लिये पूरे विश्व में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली एप्लीकेशन है। यू-ट्यूब पर हम अपनी कोई भी विडियो बनाकर अपलोड (upload) कर सकते हैं, जिससे वह विडियो दुनिया में कहीं भी देखी जा सकती है।

यू-ट्यूब की इसी सुविधा का लाभ उठाते हुए लाखों लोगों ने यू-ट्यूब पर अपने चैनल्स बना लिये हैं एवं वे उसपर विभिन्न जानकारियों, मनोरंजक, एजेकेशनल विडियो बनाकर अपलोड कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी यू-ट्यूब के द्वारा काफी मदद मिली है, आपको कुछ भी सीखना हो, कोई भी परेशानी का जवाब ढूंढना हो, आप यू-ट्यूब पर जाईये और जो भी जानकारी आपको चाहिये, उसको यू-ट्यूब में सर्च करके उसका विडियो देखकर कुछ भी सीख सकते हैं। आज तो कुकिंग, डांस, फाइट, एजुकेशन, मूवीज, टीवी सीरियल आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों के लाखों वीडियो यू-ट्यूब पर उपलब्ध हैं।

6.1-यूट्यूब द्वारा कैसे कमायें (How to earn with YouTube)

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यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) की मदद से भी ऑनलाईन पैसा कमाया जा सकता है। इसके लिये अपनी ईमेल की मददे से यू-ट्यूब पर अपना चैनल बनाकर उसपर नये-नये तथा यूनीक वीडियो अपलोड करते रहना होगा, जैसे-जैसे आपके वीडियो लोगों द्वारा देखे जाने लगेगें, तथा आपके दर्शकों (Viewers) की संख्या यू-ट्यूब के मानकों (Standard) के अनुसार हो जायेगी, जोकि वर्ततान में न्यूनतम 10,000 व्यूज है, अर्थात जब आपके द्वारा अपलोड की गयी विडियों के दर्शकों की संख्या 10,000 हो जायेगी, तो यू-ट्यूब उनपर विज्ञापन चलाना शुरू कर सकता है, जिससे आपकी आय शुरू हो जायेगी। आज के समय में बहुत से लोग अपने वीडियो यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) पर अपलोड करके लाखों रूपये महीने तक की कमाई कर रहे हैं जैसे-एंटरटेनमैन्ट वीडियो, एजुकेशनल क्लासेस, मोटिवेशनल वीडियो, सामान्य ज्ञान से संबंधित वीडियो आदि।

7-मोबाईल मार्केटिंग (Mobile Marketing)

मोबाईल के प्रयोग द्वारा ब्रांड, प्रोडक्ट आदि की जानकारी या सूचनाओं को सीधे यूजर के मोबाल पर भेजकर मार्केटिंग करना ही मोबाइल मार्केटिंग कहलाता है। चूंकि आज के युग में लगभग हर व्यक्ति के पास मोबाईल है तथा अधिकांश पर स्मार्ट फोन है। ज्यादातर लोग तो कम्प्यूटर से ज्यादा मोबाइल उपयोग करने में अपना समय खर्च करते हैं, इसलिये यह तरीका काफी असरदार होता है। इससे किसी भी यूजर तक सीधे अपने प्रोडक्ट की जानकारी पहुंचाना काफी आसान है।

8-कन्टैन्ट मार्केटिंग (Content Marketing)

कन्टैन्ट मार्केटिंग किसी भी वैबसाईट का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। किसी भी साइट को आकर्षक एवं उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिये जिन-जिन चीजों की जरूरत होती है, सामान्य भाषा में उसको कन्टैन्ट मार्केटिंग या कन्टैन्ट राईटिंग कहा जाता है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे कन्टेन्ट का तैयार किया जाता है, ऐसी भाषा एवं फोटोज का प्रयोग किया जाता है, जिसमें हमारे प्रोडक्ट या कम्पनी की पूरी जानकारी हो तथा उस जानकारी को यूजर तक पहुंचाया जाता है, ताकि यूजर खुद को उससे जोड सके। इसमें सभी चीजों का मिश्रण किया जाना हमारे उद्देश्य की पूर्ति के लिये काफी आवश्यक होता है, जैसे-लेख, फोटो तथा वीडियो, इन सभी के पर्फेक्ट मिश्रण के द्वारा ही एक अच्छा कन्टैन्ट बनाया जाता है।

9-एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing)

अपने ऑनलाइन प्रोडक्ट की जानकारी को विज्ञापन या लिंक को किसी अन्य वेबसाईट पर दिखाकर उसकी मदद से अपना प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने के लिये अपनाये जाने वाले तरीके को एफिलिएट मार्केटिंग कहा जाता है। इस तरीके में बडी-बडी ऑनलाईन बिजनेस करने वाली कम्पनियां अपने प्रोडक्ट को बेचने हेतु अपनी वैबसाईट से अलग दूसरी कई अलग-अलग वेबसाईटों पर अपना विज्ञापन या लिंक लगाती हैं, यदि उस विज्ञापन या लिंक पर क्लिक करके कोई यूजर उनकी अपनी साईट से कोई सामान खरीद लेता है तो उस सेल से कुछ कमीशन उस वैबसाईट के मालिक को प्राप्त होता है, जिसने अपनी वैबसाईट पर विज्ञापन या लिंक लगाया था। इसी कमीशन को एफिलिएट मार्केटिंग से होने वाली आय कहा जाता है।

ऑनलाईन प्रोडक्ट्स या सर्विसिज बेचने वाली कम्पनियां एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing) करती है, जिसमें वो अपना विज्ञापन दूसरी वेबसाईटों पर दिखाकर अपने प्रोडक्टस की बिक्री (Sale) सेल करती हैं, जैसे-Amazon, e-bay, Flipkart, Godaddy आदि।

10-गूगल एडसैन्स (Google Ad-sense)

यह एक निर्विवाद तथ्य है कि गूगल आज के समय में विश्व का सबसे ज्यादा उपयोग किये जाने वाला सर्च इंजन है। गूगल की अन्य एप्लीकेशन्स, जैसे-जीमेल, यू-ट्यूब, गूगल प्लस आदि काी भी लोगों द्वारा अत्यधिक मात्रा में उपयोग किया जाता है। इसकी इसी विशेषता के कारण विश्व भर की उत्पादक कम्पनियां (Manufacturing Companies) एवं अन्य सर्विसिज प्रदान करने वाली कम्पनियां गूगल द्वारा चयनित (Selected & certified) वैबसाईटों पर अपना विज्ञापन चलवाते हैं। किसी वैबसाईट पर गूगल द्वारा उपलब्ध कराये गये विज्ञापन को चलाये जाने वाली प्रक्रिया को गूगल एडसैन्स (Google Adsense) कहते है। यहां यह ध्यान देने योग्य है कि गूगल एडसैन्स (Google Adsense) की अनुमति सिर्फ उन्हीं वैबसाईटों को प्राप्त होती है, जिनपर अच्छा, उपयोगी एवं मौलिक (Original) कन्टैन्ट होता है।

इस प्रक्रिया में यदि कोई यूजर आपकी वैबसाईट पर गूगल द्वारा लगाये गये विज्ञापन पर क्लिक कर देता है, तो गूगल वैबसाईट मालिक को इस हेतु एक निश्चित धनराशि अदा करता है। जिस आय को  पे-पर-क्लिक (Pay per click) भी कहा जाता है। (Part time jobs in Meerut)

डिजिटल मार्केटिंग के संबंध में या इस कोर्स के विषय में किसी भी जानकारी के लिये आप निसंकोच हमें   9568 96 97 98  पर फोन कर सकते हैं।
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